Posted by Home Loan Delhi LAP on February, 16, 2026

यही वजह है कि कई बार Bank और NBFC दोनों से बात करना सही रहता है। कई लोगों का Loan Bank से हो जाता है, तो कई मामलों में NBFC आगे बढ़कर बात करती है। इसलिए पहले यह समझना जरूरी है कि NBFC होती क्या है और Mortgage Loan में इसकी क्या भूमिका होती है।
Mortgage Loan को Loan Against Property (LAP) भी कहा जाता है।
अगर आपके नाम पर Property है, तो उसके बदले Loan लिया जा सकता है। यह Property House, Flat, Shop, Office या दूसरी ऐसी Property हो सकती है, जिस पर Company Loan देने के लिए तैयार हो।
Loan मिलने के बाद भी Property आपके नाम पर रहती है। आप उसमें रह सकते हैं, उसे किराए पर दे सकते हैं या अपने Business के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। फर्क सिर्फ इतना होता है कि Loan पूरा होने तक वही Property Loan की Security रहती है।
इसी कारण बहुत से लोग जरूरत पड़ने पर Property बेचने की बजाय Mortgage Loan लेना पसंद करते हैं।
NBFC का पूरा नाम Non-Banking Financial Company है।
यह ऐसी Financial Company होती है जो अलग-अलग तरह के Loan देती है। यह Bank नहीं होती, लेकिन Reserve Bank of India (RBI) के नियमों के तहत काम करती है।
दिल्ली में कई NBFC Mortgage Loan देती हैं। हर Company के अपने नियम होते हैं। इसलिए ऐसा हो सकता है कि एक Company जिस Case में Loan देने के लिए तैयार हो, दूसरी Company उसी Case में अलग राय रखे।
यही कारण है कि कई लोग केवल Bank तक सीमित नहीं रहते।
हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है।
मान लीजिए किसी को अपना Business बढ़ाना है। किसी को Factory में नई Machine लगानी है। किसी को Medical खर्च के लिए पैसों की जरूरत है। वहीं कोई अपने पुराने महंगे Loan बंद करना चाहता है।
ऐसे समय में कई लोग पहले यह देखते हैं कि क्या अपनी Property के बदले Loan लिया जा सकता है। अगर हाँ, तो फिर Bank और NBFC दोनों के बारे में जानकारी लेते हैं और उसके बाद फैसला करते हैं।
यह Loan सिर्फ Business के लिए नहीं होता।
लोग अपनी जरूरत के हिसाब से इसका इस्तेमाल करते हैं।
जैसे—
हर Company यह देखती है कि Loan किस वजह से लिया जा रहा है।
दोनों जगह Mortgage Loan मिल सकता है।
लेकिन दोनों का काम करने का तरीका एक जैसा नहीं होता।
Bank अपने नियमों के हिसाब से फैसला करते हैं।
NBFC की भी अपनी शर्तें होती हैं। इसलिए कई बार जिस Case में Bank आगे नहीं बढ़ता, उसी तरह के दूसरे Case को कोई NBFC अलग तरीके से देख सकती है।
इसका मतलब यह नहीं कि NBFC हमेशा सही है या Bank हमेशा सही है। सही चुनाव आपकी जरूरत और Profile पर निर्भर करता है।
ऐसा कोई नियम नहीं है कि केवल Business करने वाले लोग ही NBFC से Loan लें।
कई तरह के लोग NBFC से बात करते हैं।
जैसे—
अगर आपके पास Property है और किसी जरूरी काम के लिए बड़ी रकम चाहिए, तो NBFC से भी बात करना समझदारी हो सकती है।
यह सवाल अक्सर पूछा जाता है।
Home Loan नया घर खरीदने या बनवाने के लिए लिया जाता है।
जबकि Mortgage Loan पहले से मौजूद Property के बदले लिया जाता है।
यही दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर है।
नहीं।
यह पूरी तरह Property और Company के नियमों पर निर्भर करता है।
इसी वजह से दो लोगों की Property एक जैसी दिखने के बाद भी दोनों को एक जैसा जवाब मिले, यह जरूरी नहीं है।
बहुत से लोग पहली Company से बात करके ही मान लेते हैं कि अब यही आखिरी फैसला है।
जबकि कई बार दूसरी Company उसी Case को अलग तरीके से देखती है।
इसीलिए अगर आपकी Profile थोड़ी अलग है, तो बिना पूरी जानकारी लिए जल्दबाज़ी में कोई फैसला नहीं करना चाहिए।
अगर आपने Mortgage Loan NBFC in Delhi से Loan लेने का मन बना लिया है, तो एक बात पहले ही समझ लीजिए। सिर्फ Property होना काफी नहीं होता। हर NBFC यह समझने की कोशिश करती है कि Loan देना सही रहेगा या नहीं और अगर Loan दिया जाए, तो कितनी रकम तक देना ठीक रहेगा।
यहीं से हर व्यक्ति का Case दूसरे से अलग हो जाता है। इसलिए कई बार एक जैसी Property होने के बाद भी दो लोगों को अलग-अलग Loan Amount मिल सकता है।
नहीं।
यह सबसे बड़ी गलतफहमी है।
बहुत से लोग सोचते हैं कि अगर उनके पास अच्छी Property है, तो Mortgage Loan NBFC in Delhi से Loan आसानी से मिल जाएगा। लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता।
NBFC केवल Property नहीं देखती। वह यह भी समझती है कि Loan लेने वाला व्यक्ति आगे चलकर EMI आराम से भर पाएगा या नहीं।
यही वजह है कि Property के साथ आपकी पूरी Financial स्थिति भी देखी जाती है।
यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जाता है।
अगर आपकी Income बहुत ज्यादा नहीं है, तो इसका मतलब यह नहीं कि Loan मिलना नामुमकिन है।
NBFC यह देखती है कि आपकी कमाई किस तरह की है और क्या उसी Income से EMI संभाली जा सकती है।
अगर आप नौकरी करते हैं, तो आपकी Income को एक तरह से देखा जाता है।
अगर आपका अपना Business है, तो Business की स्थिति अलग तरीके से समझी जाती है।
हर व्यक्ति का Case अलग होता है। इसलिए किसी दूसरे का उदाहरण अपने ऊपर लागू करना सही नहीं होता।
हाँ।
अगर आप Business Owner हैं, तो कई बार Mortgage Loan NBFC in Delhi देने वाली Company यह समझने की कोशिश करती है कि आपका काम कितना स्थिर है।
हर Business में हर महीने एक जैसी कमाई नहीं होती।
किसी महीने ज्यादा काम होता है, तो किसी महीने कम।
इसी वजह से Business Profile को नौकरी करने वाले व्यक्ति से अलग नजर से देखा जाता है।
यह भी एक आम सवाल है।
अच्छा CIBIL Score हमेशा फायदेमंद होता है, लेकिन सिर्फ उसी के आधार पर फैसला हो जाए, ऐसा जरूरी नहीं है।
कई बार NBFC यह भी देखती है कि पहले लिए गए Loan समय पर भरे गए या नहीं, Banking Record कैसा है और अभी आपकी कुल Financial स्थिति कैसी है।
इसलिए अगर CIBIL उम्मीद से कम है, तो पहले पूरी Profile समझना ज्यादा जरूरी है।
बहुत से लोग सोचते हैं कि सिर्फ Income और Property देखी जाती है।
असल में बात इससे थोड़ी बड़ी होती है।
आम तौर पर NBFC इन बातों को समझती है—
यानी फैसला किसी एक बात पर नहीं, बल्कि पूरी तस्वीर देखकर किया जाता है।
नहीं।
यह भी एक आम गलतफहमी है।
मान लीजिए Dwarka में एक Property की कीमत लगभग ₹1 करोड़ है।
दूसरी तरफ Rohini में भी किसी व्यक्ति की Property लगभग इतनी ही कीमत की है।
सिर्फ इस वजह से दोनों को एक जैसा Loan मिले, यह जरूरी नहीं है।
NBFC Property के साथ-साथ आपकी Income और बाकी Financial जिम्मेदारियों को भी देखती है।
ऐसा कई लोगों के साथ होता है।
पहले से Home Loan, Car Loan या Business Loan चल रहा हो, तब भी नया Mortgage Loan NBFC in Delhi से मिल सकता है।
लेकिन उस समय यह जरूर देखा जाता है कि नया Loan जोड़ने के बाद EMI का बोझ कितना होगा।
अगर EMI आपकी कमाई के मुकाबले बहुत ज्यादा हो जाती है, तो फैसला उसी हिसाब से लिया जाता है।
कई लोग अपने रिश्तेदार या पड़ोसी का उदाहरण देकर कहते हैं—
"उन्हें ₹40 लाख का Loan मिला था, मुझे भी मिल जाएगा।"
असल में Mortgage Loan इस तरह काम नहीं करता।
हर व्यक्ति की Property अलग होती है।
Income अलग होती है।
Banking History अलग होती है।
जरूरत भी अलग होती है।
इसलिए दो लोगों का Result कभी एक जैसा नहीं माना जा सकता।
अगर किसी ने सिर्फ फोन पर Property की कीमत पूछकर कह दिया कि "आपको इतने लाख का Loan मिल जाएगा," तो उसे अंतिम बात मत मानिए।
असल फैसला तभी होता है, जब आपकी पूरी Profile और Property दोनों को साथ में देखा जाता है।
अगर आपका इरादा Mortgage Loan NBFC in Delhi से Loan लेने का है, तो पहले यह जानने की कोशिश करें कि आपकी अपनी स्थिति कैसी है।
कई लोग पहले Loan Amount पूछते हैं, जबकि सही तरीका यह है कि पहले अपनी Income, Property और पहले से चल रहे Loan को समझें। इसके बाद किसी NBFC से बात करें। इससे आगे की बातचीत भी आसान रहती है और उम्मीदें भी सही रहती हैं।
अगर आपको लग रहा है कि आपकी Profile Mortgage Loan NBFC in Delhi के लिए ठीक हो सकती है, तो अब अगला सवाल होता है कि आगे क्या करना है।
यहीं पर कई लोग जल्दबाज़ी कर देते हैं। बिना तैयारी के Loan के लिए बात शुरू कर देते हैं। फिर कभी Documents पूरे नहीं होते, कभी Property से जुड़ी कोई बात सामने आ जाती है और कभी छोटी-सी कमी की वजह से समय ज्यादा लग जाता है।
अगर पहले से सही जानकारी हो, तो पूरा काम ज्यादा आसान हो सकता है।
सबसे पहले अपनी जरूरत साफ रखें।
कई लोग शुरुआत में ही कहते हैं कि "मुझे 50 लाख का Loan चाहिए।"
जबकि सही तरीका यह है कि पहले यह तय करें कि आपको Loan किस काम के लिए चाहिए और वास्तव में कितनी रकम की जरूरत है।
जरूरत से ज्यादा Loan लेने का मतलब आगे चलकर ज्यादा EMI भी हो सकती है।
जब आप किसी NBFC से बात करते हैं, तो सबसे पहले आपकी शुरुआती जानकारी ली जाती है।
जैसे—
इसी जानकारी के आधार पर आगे की बातचीत शुरू होती है।
हर NBFC की अपनी जरूरत हो सकती है, लेकिन आम तौर पर ये Documents मांगे जा सकते हैं।
अगर नौकरी करते हैं—
अगर Business करते हैं—
हर Case में Documents की List थोड़ी अलग भी हो सकती है।
Mortgage Loan में Property सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
इसीलिए NBFC यह देखती है कि—
अगर इस स्तर पर कोई बड़ी समस्या नहीं मिलती, तो आगे का काम आसान हो जाता है।
कई लोग सोचते हैं कि Property देखकर ही Loan मिल जाता है।
लेकिन ऐसा नहीं होता।
Property से जुड़े Documents की कानूनी जांच भी की जाती है।
इसका मकसद यह समझना होता है कि Property से जुड़ी ऐसी कोई समस्या तो नहीं, जो आगे चलकर परेशानी बन सकती है।
इसके बाद Property की कीमत का अंदाज़ा लगाया जाता है।
ध्यान रखें, यह कीमत हमेशा Market में सुनने वाली कीमत जैसी हो, यह जरूरी नहीं है।
Valuation अलग तरीके से की जाती है।
इसी आधार पर आगे Loan की सीमा तय करने में मदद मिलती है।
जब शुरुआती जानकारी और Documents देखने के बाद Case आगे बढ़ता है, तब Interest Rate और बाकी शर्तों पर विस्तार से बात होती है।
यहीं पर सिर्फ Interest Rate नहीं, बल्कि दूसरी बातें भी समझनी चाहिए।
जैसे—
सिर्फ कम Interest Rate देखकर फैसला करना सही नहीं माना जाता।
हर देरी की वजह Company नहीं होती।
कई बार Applicant की तरफ से भी काम रुक जाता है।
जैसे—
अगर शुरुआत से तैयारी पूरी हो, तो कई बार समय बचाया जा सकता है।
बहुत से लोग एक साथ 8–10 जगह Loan के लिए बात शुरू कर देते हैं।
उन्हें लगता है कि इससे जल्दी Loan मिल जाएगा।
लेकिन पहले यह समझना जरूरी है कि हर जगह अलग-अलग जानकारी देना और बार-बार Profile दिखाना हमेशा सही तरीका नहीं होता।
पहले अपनी जरूरत समझें, फिर उन Companies से बात करें जो आपके Case के हिसाब से सही लगती हैं।
Loan के लिए Documents देने से पहले उनकी एक Copy अपने पास जरूर रखें।
अगर Property कई लोगों के नाम पर है या पुराने Documents हैं, तो पहले ही उन्हें एक बार देखकर ठीक कर लेना आगे चलकर समय बचा सकता है।
अगर आपकी Property Janakpuri, Pitampura, Laxmi Nagar, Dwarka या Delhi NCR के किसी दूसरे इलाके में है, तो केवल Location देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि Loan मिल जाएगा।
हर NBFC Property, Documents और आपकी Profile—तीनों को साथ में देखकर ही आगे बढ़ती है।
अब तक आपने इस पूरी Blog Series में समझ लिया—
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल बचता है।
इतनी सारी NBFC में सही Company कैसे चुनें?
यहीं पर सबसे ज्यादा गलतियां होती हैं। कई लोग सिर्फ कम Interest Rate देखकर फैसला कर लेते हैं, जबकि बाद में दूसरे Charges और Loan की शर्तों की वजह से परेशानी होती है।
दिल्ली में कई बड़ी NBFC Property के बदले Loan देती हैं।
जैसे—
हर Company की अपनी Loan Policy होती है।
इसलिए किसी एक Company का Offer दूसरी Company जैसा हो, यह जरूरी नहीं है।
इस सवाल का एक जवाब सभी लोगों पर लागू नहीं होता।
अगर आपकी Profile सीधी है और Bank की शर्तें पूरी हो रही हैं, तो Bank भी अच्छा चुनाव हो सकता है।
अगर आपका Case थोड़ा अलग है, जैसे Business Income, अलग तरह की Property या दूसरी Financial स्थिति, तो कई लोग NBFC से भी बात करते हैं।
सबसे सही तरीका यही है कि बिना पूरी जानकारी के किसी एक जगह फैसला न करें।
अगर आप Business करते हैं, तो Loan की बात शुरू करने से पहले अपने Financial Records व्यवस्थित रखें।
कई बार छोटी-छोटी कमियों की वजह से बातचीत लंबी हो जाती है।
अगर पहले से तैयारी हो, तो आगे का काम आसान रहता है।
अगर CIBIL Score उम्मीद से कम है, तो सबसे पहले घबराने की जरूरत नहीं है।
सबसे पहले यह समझें कि Score कम क्यों हुआ।
अगर पहले की EMI समय पर भरनी शुरू कर दी गई है और बाकी Financial स्थिति ठीक है, तो पहले अपनी पूरी Profile समझें, उसके बाद किसी NBFC से बात करें।
केवल CIBIL देखकर खुद ही फैसला कर लेना कि Loan नहीं मिलेगा, सही तरीका नहीं है।
Loan लेते समय केवल Interest Rate नहीं, बल्कि बाकी Charges भी समझने चाहिए।
कई लोग सोचते हैं कि जितना ज्यादा Loan मिलेगा, उतना अच्छा रहेगा।
लेकिन बाद में EMI संभालना मुश्किल हो सकता है।
हर NBFC का काम करने का तरीका अलग हो सकता है।
इसलिए तुलना किए बिना फैसला करना सही नहीं माना जाता।
अगर Property के कागज़ पहले से ठीक हों, तो आगे समय बच सकता है।
हर व्यक्ति का Case अलग होता है।
इसलिए पड़ोसी, रिश्तेदार या दोस्त को कितना Loan मिला, उसके आधार पर अपना अंदाज़ा नहीं लगाना चाहिए।
किसी भी Company से आगे बढ़ने से पहले ये बातें जरूर समझ लें—
अगर इन सवालों के जवाब पहले मिल जाएं, तो आगे फैसला लेना आसान हो जाता है।
अगर कोई Company बिना आपकी पूरी जानकारी समझे सिर्फ Property की कीमत सुनकर Loan Amount बता दे, तो उसे अंतिम Offer मत मानिए।
अंतिम फैसला हमेशा पूरी जांच के बाद ही होता है।
अगर आप Mortgage Loan NBFC in Delhi से Loan लेना चाहते हैं, तो जल्दबाज़ी में फैसला न करें।
पहले अपनी जरूरत समझें।
उसके बाद अपनी Financial Profile को देखें।
फिर Bank और NBFC, दोनों की जानकारी लें।
जब सभी बातें साफ़ हो जाएं, तभी आगे बढ़ें।
Mortgage Loan एक बड़ा Financial Decision होता है। सही जानकारी के साथ लिया गया फैसला आगे चलकर कई परेशानियों से बचा सकता है।
अगर NBFC RBI के नियमों के तहत काम करती है और उसकी शर्तें आपको साफ़ समझ में आ रही हैं, तो Loan लेने से पहले सभी Documents और Terms ध्यान से पढ़ना चाहिए।
हाँ, कई NBFC Self Employed Applicants के Cases भी देखती हैं। अंतिम फैसला आपकी पूरी Profile पर निर्भर करता है।
हर Case अलग होता है। केवल CIBIL Score देखकर फैसला नहीं किया जाता। बाकी Financial स्थिति भी देखी जाती है।
हाँ, कई NBFC दोनों तरह की Property पर Loan देती हैं। यह पूरी तरह Property और Company की Policy पर निर्भर करता है।
अगर Bank से आपकी बात नहीं बनती, तो इसका मतलब यह नहीं कि सभी जगह जवाब एक जैसा होगा। कई लोग ऐसे समय में NBFC से भी जानकारी लेते हैं।
हाँ, लेकिन बिना जरूरत बहुत सारी Companies में एक साथ जानकारी देने की बजाय पहले अपनी Profile समझें और फिर सही Companies से बात करें।
अगर आप Mortgage Loan NBFC in Delhi के बारे में सही जानकारी लेकर आगे बढ़ते हैं, तो सही Company चुनना आसान हो जाता है। हर व्यक्ति की जरूरत, Income और Property अलग होती है। इसलिए किसी दूसरे के अनुभव की बजाय अपने Case के आधार पर फैसला लेना हमेशा बेहतर रहता है।
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